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इस आयोग अथवा किसी प्राधिकरण द्वारा प्रदान किए गए अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र को इसमें उल्लिखित किसी भी शर्त का उल्लंघन करने पर अधिनियम की धारा 12 सी के तहत निरस्त किया जा सकता है। 

यदि एक अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र धोखाधड़ी करके अथवा किसी वास्तविक तथ्य को छिपाकर अथवा हाल ही के आदेश के तहत निरस्तीकरण परिस्थितियों में कोई मौलिक परिवर्तन करके प्राप्त किया गया हो तो संबंधित प्राधिकारी को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संबंधित संस्था के प्रबंधन को सुनावाई हेतु अवसर प्रदान करने के बाद अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र को निरस्त करने का अधिकार होगा।

अब यह अच्छी तरह से तय है कि कोई प्रशासनिक आदेश जिसका सामाजिक परिणाम हो, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप ही पारित किया जा सकता है (देखें ए.आई.आर.1978, एस.सी. 851) ।  यदि एक अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था को प्रदान किया गया अल्पसंख्यक दर्जा को निरस्त करने से संबंधित कोई आदेश इस तरह के शैक्षणिक संस्था को सुनवाई का एक अवसर दिए बिना जारी किया गया हो, तो यह निष्प्रभाव कर दिया जाता है।