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आयोग इस बात पर जोर देता है कि सोसायटी के एसोसिएशन के ज्ञापन (एमओए) अथवा न्यास विलेख में स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि सोसायटी/न्यास का उद्देश्य् है “मुस्लिम/सिख/क्रिश्चियन/बौद्ध/पारसी/जैन (जैसा भी मामला हो) समुदाय और बड़े पैमाने पर समाज को भी लाभान्वित करने हेतु प्रारंभिक रूप से शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना एवं प्रशासन करना”। जब आयोग को आवेदन किया जा रहा हो तो यह सुनिश्चित किया जाए कि एम.ओ.ए./ट्रस्ट विलेख में उपर्युक्त उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।