बंद करना

    बायो डाटा

    प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्तर

    सदस्य, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग, भारत सरकार
    फ़ोन: +91-9431177767
    ईमेल: shahid77767@gmail.com | sakhter.ncmei@gov.in

    परिचय

    प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्तर एक प्रबंधन शिक्षाविद्, शिक्षाविद और लोक प्रशासक हैं, जिन्हें उच्च शिक्षा, अल्पसंख्यक शिक्षा और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वे शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग (NCMEI) के सदस्य एवं कार्यवाहक अध्यक्ष हैं; जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रबंधन अध्ययन विभाग में प्रोफेसर हैं; तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU), अलीगढ़, उ.प्र. में कार्यकारी परिषद सदस्य (भारत के राष्ट्रपति (विज़िटर) के नामित) हैं।

    पूर्व पद

    • अध्यक्ष, झारखंड अल्पसंख्यक आयोग (जनवरी 2013 – जनवरी 2016), कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा।
    • उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद (NCPUL), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार (दिसंबर 2018 – दिसंबर 2021)।
    • कोर्ट सदस्य, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (मार्च 2019 – मार्च 2022)।
    • सदस्य, मदरसों/अल्पसंख्यकों को शिक्षा प्रदान करने की योजना के लिए परियोजना अनुमोदन बोर्ड (PAB), शिक्षा मंत्रालय (मार्च 2018 – मार्च 2020)।
    • यूजीसी नामित सदस्य, गवर्निंग बॉडी, न्यू आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस कॉलेज, अहमदनगर, महाराष्ट्र।
    • सदस्य, मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम तथा ऑनलाइन कार्यक्रमों के लिए यूजीसी विशेषज्ञ समिति।
    • अध्यक्ष, वित्त समिति, NCPUL, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार।
    • राष्ट्रीय संयोजक, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच।
    • प्रभारी, हिंदुस्तान फर्स्ट हिंदुस्तानी, राष्ट्र निर्माण के लिए कार्यरत एक बौद्धिक संगठन।
    • कुलाधिपति के नामित सदस्य, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, झारखंड राय विश्वविद्यालय।

    शैक्षणिक योग्यता

    • पीएच.डी. (वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रबंधन), राँची विश्वविद्यालय, 2010
    • एमबीए (विपणन प्रबंधन), राँची विश्वविद्यालय, 2000
    • एल.एल.बी., राँची विश्वविद्यालय, 2003
    • बी.एससी. (रसायन विज्ञान ऑनर्स), अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, 1997

    प्रकाशन एवं शोध

    प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्तर एक प्रतिष्ठित लेखक और शोधकर्ता हैं, जिन्होंने शिक्षा, अल्पसंख्यक अधिकार और प्रबंधन के क्षेत्रों में अनेक योगदान दिए हैं। उनके उल्लेखनीय प्रकाशनों में शामिल हैं:

    • पेटेंट: बुद्धिमान व्यवसाय प्रबंधन के लिए एआई-आधारित कंप्यूटिंग उपकरण – 11 सितंबर, 2026 को यूनाइटेड किंगडम के पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेड मार्क्स के कंप्ट्रोलर-जनरल द्वारा प्रदान किया गया।
    • इवेंट मैनेजमेंट सेक्टर में मानव संसाधन प्रबंधन (2026)
    • नेटवर्क सिक्योरिटी एंड क्रिप्टोग्राफी (2025)
    • वक़्फ़ बिल 2024: इस्लाम का सम्मान और मुसलमानों के लिए तोहफ़ा (2024)
    • भारतीय मुसलमान: एकता का आधार – हुब्बुल वतनी (राष्ट्रीयता) 2023
    • फंडामेंटल डिजिटल मार्केटिंग (2019)
    • शिकायत प्रबंधन (2018)
    • ब्रांड मैनेजमेंट (2018)
    • विज्ञापन प्रबंधन (2011)
    • प्रधान संपादक – दर्पण देश (राष्ट्रीय मासिक पत्रिका)

    इसके अतिरिक्त, डॉ. अख्तर ने बड़ी संख्या में शैक्षणिक, सामाजिक और शोध-संबंधी रचनाएँ लिखी हैं, जो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं तथा विभिन्न पुस्तकों के अध्यायों में प्रकाशित हुई हैं।

    प्रमुख योगदान एवं उपलब्धियाँ

    कार्यक्रम नेतृत्व

    18 दिसंबर 2024 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस और NCMEI के 20वें स्थापना दिवस का सफल आयोजन किया, जिसका विषय था “विकसित भारत@2047 को आकार देने में अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की भूमिका”। इस कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री, श्री इंद्रेश कुमार, RSS राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, तथा अनेक शिक्षाविदों और विधि विशेषज्ञों सहित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

    NEP 2020 और राष्ट्र निर्माण पर सम्मेलन

    डॉ. अख्तर की अध्यक्षता में आयोग ने अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रति अधिक जागरूकता और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किए हैं।

    इन कार्यक्रमों ने शैक्षिक संस्थानों, नीति निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों के बीच संवाद के लिए एक मंच प्रदान किया है। इन सम्मेलनों का ध्यान अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को शैक्षिक सुधार, कौशल विकास, समावेशी शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक उद्देश्यों से जोड़ने, तथा विकसित भारत 2047 की प्राप्ति में उनके योगदान को सक्षम बनाने पर केंद्रित रहा है।

    राज्य स्तरीय संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करना

    डॉ. अख्तर की अध्यक्षता में आयोग ने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में NOC तथा अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों से संबंधित आवेदनों के निपटारे के लिए सक्षम प्राधिकारियों की नियुक्ति का सक्रिय रूप से प्रयास किया है। आयोग के हस्तक्षेप के बाद, राज्य सरकारों ने 2024 में दिल्ली में तथा 2025 में मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम में NOC जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारियों को अधिसूचित किया। यह राज्य स्तर पर अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की सुरक्षा और मान्यता के तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत उपलब्धि है।

    राज्य सक्षम प्राधिकारियों के साथ संवाद

    डॉ. अख्तर की अध्यक्षता में विभिन्न राज्यों के अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के साथ नियमित बैठकें की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य भारत के संविधान के अनुच्छेद 30(1) और NCMEI अधिनियम, 2004 की धारा 10 के प्रावधानों के अंतर्गत अल्पसंख्यकों को प्राप्त शैक्षिक अधिकारों के बारे में राज्य प्राधिकारियों को संवेदनशील बनाना है। इन बैठकों से NOC, अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र और अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों के कामकाज से जुड़े मामलों में आयोग और राज्य प्राधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित हुआ है।

    दौरों और क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से जनसंपर्क

    विभिन्न अल्पसंख्यक आयोगों और राज्य सरकारों के बोर्डों के साथ समन्वय इस कार्यकाल के दौरान सुचारु रहा माना जाता है, और NCMEI ने राज्य सरकार के अधिकारियों, शैक्षिक संस्थानों और हितधारकों के साथ सीधे संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

    इन संवादों से अनुच्छेद 30(1) के अंतर्गत अल्पसंख्यकों को उपलब्ध संवैधानिक और वैधानिक सुरक्षा उपायों के बारे में राज्य प्राधिकारियों में जागरूकता बढ़ी और राष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था में अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की भूमिका और सुदृढ़ हुई। ऐसे जनसंपर्क से आयोग को राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों के सामने आने वाली समस्याओं को समझने तथा उनसे संबंधित वैधानिक ढाँचे के अधिक प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देने में भी सहायता मिली।

    शैक्षिक सुधार में नेतृत्व

    शिक्षा नीति और शैक्षिक संस्थानों के माध्यम से अल्पसंख्यकों के सशक्तीकरण में डॉ. अख्तर का प्रभाव गहरा है। वे विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के प्रति समर्पित हैं और एकीकरण तथा एक सशक्त भारत को बढ़ावा दे रहे हैं।

    सम्मान एवं पुरस्कार

    डॉ. शाहिद अख्तर को शिक्षा, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय एकता में उनके असाधारण योगदान के लिए अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। हाशिए पर रहने वाले समुदायों, विशेषकर अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में, उनकी पैरवी की व्यापक सराहना हुई है। उनके सम्मानों का सारांश नीचे दिया गया है:

    • बी द चेंज अवार्ड 2026: बी द चेंज फाउंडेशन, नेशनल कॉन्क्लेव द्वारा वैश्विक नवाचार, नेतृत्व और परिवर्तनकारी बदलाव में अग्रणी योगदान के लिए प्रदान किया गया।
    • अवध रत्न अवार्ड-2024: संगम फाउंडेशन, लखनऊ द्वारा 06.10.2026 को ऑल इंडिया कैफ़ी आज़मी एकेडमी, निशातगंज, लखनऊ में सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र में योगदान के लिए प्रदान किया गया।
    • महात्मा गांधी एक्सीलेंस अवार्ड 2024: शिक्षा और समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए FACE ग्रुप द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को होटल एल’एलिगेंट, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थल, दिल्ली एनसीआर में प्रदान किया गया।
    • भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ऑनरेरी अवार्ड 2023: शिक्षा में अनुकरणीय उपलब्धियों के लिए तालीमी बेदारी द्वारा 15 अक्टूबर 2023 को इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज़, गोमती नगर, लखनऊ, उ.प्र., भारत में प्रदान किया गया।
    • चेंजमेकर ऑफ द ईयर अवार्ड 2023: समाज उत्थान और राष्ट्र निर्माण में उनके प्रयासों के सम्मान में, 15 अगस्त 2023 को जामिया हमदर्द कन्वेंशन हॉल, नई दिल्ली में तीसरे राष्ट्रीय सामाजिक उत्कृष्टता पुरस्कारों में प्रदान किया गया।
    • ग्रेट ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड 2021: शिक्षा और समाज सेवा में परोपकारी योगदान के लिए नेशनल इंडिपेंडेंट बिशप काउंसिल, नई दिल्ली द्वारा प्रदान किया गया।
    • सर सैयद अवार्ड 2020: शिक्षा और समाज सेवा में योगदान के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन (हापुड़, गाज़ियाबाद और मेरठ चैप्टर) द्वारा 25 अक्टूबर 2020 को सम्मानित किया गया।
    • दक्तूर-ए-अदब अवार्ड 2019: उर्दू भाषा को बढ़ावा देने और शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए इस्लामिया ग्रुप ऑफ कॉलेजेज़, देवबंद, उ.प्र. द्वारा 20 जून 2019 को प्रदान किया गया।
    • इंडो-नेपाल एकता अवार्ड 2018: शिक्षा, राष्ट्रीय एकता और समाज सेवा को बढ़ावा देने के लिए नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लोकेन्द्र बहादुर चंद द्वारा 25 नवंबर 2018 को द इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ हॉल, नई दिल्ली में प्रदान किया गया।
    • सरदार वल्लभभाई पटेल अवार्ड 2018: शिक्षा और समाज सेवा में उपलब्धियों के लिए ग्लोबल ब्रदरहुड फोरम द्वारा 25 सितंबर 2018 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में प्रदान किया गया।
    • झारखंड सेवा रत्न अवार्ड 2012: प्रबंधन में विशिष्ट योगदान के लिए झारखंड सरकार के विधानसभा अध्यक्ष एवं लोकायुक्त द्वारा 5 फरवरी 2012 को XISS हॉल, राँची में प्रदान किया गया।

    इसके अतिरिक्त, डॉ. शाहिद अख्तर को विभिन्न मंचों से 100 से अधिक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर की एचीवर्स बुक में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक के रूप में स्थान दिया गया है। इसके अलावा, उनके लेख अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय समाचार पत्रों (हिंदी, अंग्रेज़ी और उर्दू भाषा) में विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं।

    भविष्य के लिए दृष्टिकोण

    डॉ. शाहिद अख्तर एक अधिक समावेशी और न्यायसंगत भारत के निर्माण के प्रति गहराई से प्रतिबद्ध हैं, जहाँ हर नागरिक को, पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना, राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का अवसर मिले। अपने नेतृत्व और शैक्षणिक योगदान के माध्यम से वे राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने, अल्पसंख्यकों को प्रमुख सरकारी सुधारों से जोड़ने, और भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए शैक्षिक परिवर्तन को गति देने की परिकल्पना करते हैं। डॉ. अख्तर के प्रयास अल्पसंख्यकों को महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों से जोड़ने और एकीकृत करने पर केंद्रित हैं। उनका दृष्टिकोण एक आत्मनिर्भर, विकसित भारत का निर्माण करना है, जहाँ सुधारों का लाभ सभी नागरिकों तक पहुँचे और पूरे राष्ट्र के लिए प्रगति, एकता और समृद्धि का वातावरण बने।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डॉ. अख्तर अल्पसंख्यक समुदायों को विकसित भारत के विज़न से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। “एक वतन, एक क़ौम – हिंदुस्तान; श्रेष्ठ भारत – विकसित भारत” के बैनर तले आयोजित देशव्यापी कार्यक्रमों के माध्यम से वे राष्ट्र निर्माण में एकता, राष्ट्रीय गौरव और समावेशी भागीदारी को बढ़ावा दे रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित इन पहलों को उल्लेखनीय सफलता मिली है। हर शहर में अल्पसंख्यक समुदायों और अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों के हज़ारों प्रतिभागी इनमें शामिल हो रहे हैं और भारतीयता की भावना से उत्साहपूर्वक जुड़ रहे हैं। इन कार्यक्रमों की बढ़ती लोकप्रियता विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एकता और सामूहिक प्रतिबद्धता की बढ़ती भावना को दर्शाती है।